उत्तराखंड किसान पेंशन योजना

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में रहने वाले किसानो के लिए किसान पेंशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत जिनके पास लगभग 2 हेक्टेयर भूमि (लगभग 4 एकड़ के पास) हैं और जो अपनी खेती खुद अपनी भूमि पर करते हैं उन किसानो इसका लाभ मिल पायेगा ।इस योजना के लिए किसान की उम्र 60 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए भारत एक कृषि प्रदान देश है इसलिए भारतीय लोगों के सत्तर प्रतिशत लोग किसान हैं वह देश के लिए खाद्य फसलों और तेल के बीज का उत्पादन करते हैं।
इस योजना का मुख्या उदेश्ये यह की किसान अपनी फसलों को बाजार में बेचकर पैसे कमाता है अगर उसकी फसल अच्छी हुई तोह उसे अच्छी रकम मिलती है। वह खुश रहता है लेकिन अगर फसल सही नहीं हुई तोह उसे पैसे भी काम मिलते है तो उसका जीवन दुखी हो जाता है, इसीलिए उत्तराखंड सरकार ने किसानो की मदद करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है।

उत्तराखंड किसान पेंशन योजना से मिलने वाले लाभ :-

इस योजना अंतर्गत किसानो को भी विकलांग ,विधवा और वृद्धाव्यस्था पेंशन योजना की तरह ही 800 रूपए प्रति महा दिए जायेंगे इससे उनकी आर्थिक स्थिति में लाभ मिलेगा उनका जीवन यापन में सुधार आएगी उत्तराखंड सरकार ने किसानों को पेंशन उपलब्ध करके बहुत ही सहज ज्ञान युक्त किया और इससे वह अपनी बुढ़ापे की आयु को शांतिपूर्ण और बेहतर बना सकते है।

इस योजना के पात्र :-

  • आवेदक को उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
  • इस योजना में किसान की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए ।
  • इस योजना में किसानो के पास 2 हेक्टेयर भूमि है (लगभग 4 एकड़ के आसपास) वह किसान पेंशन योजना के लिए पात्र हैं।

उत्तराखंड में किसान पेंशन योजना के लिए  दस्तावेज :-

  • आवेदक के पास आधार कार्ड
  • आवेदक किसान की भूमि रिकॉर्ड
  • आवेदक अपनी जमीन के संबंध में 10 रुपये के स्टैंप पेपर पर शपथ पत्र
  • आवेदक का बैंक खाता का विवरण
  • पासपोर्ट आकार तस्वीरें

उत्तराखंड में किसान पेंशन योजना के लिए आवेदन करें :-

आवेदन करने के लिए किसानो को समाज कल्याण विभाग से सा,मकरक करना होगा या तो इसे पंचायत समीति तहसील कार्यालय और जिला कार्यालयों में जा सकते है ।

इस योजना से उडी अधिक जानकारी के लिए http://socialwelfare.uk.gov.in/kisan-pension
पर जाये।

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